हेयर ट्रांसप्लांट में लागत

हेयर ट्रांसप्लांट की मूलभूत बातें


डॉ. पी.जे. मजूमदार एवं डाउनटाउन आरोग्यम हेयर ट्रांसप्लांट क्लीनिक ने गुवाहाटी, असम एवं उत्तर-पूर्व में हेयर ट्रांसप्लांटेशन की सर्वाधिक उन्नत तकनीक – एफ़यूई विधि – की शुरुआत की है जो बेहद प्रभावी, दर्दमुक्त एवं मरीज़ के लिए अत्यधिक आरामदेह है।
डाउनटाउन आरोग्यम हेयर ट्रांसप्लांट क्लीनिक का यह तीसरा वर्ष है और इसने अब तक पूरे असम तथा मेघालय, नागालैंड, अरुणाचल, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा सहित उत्तर-पूर्व से 300 से अधिक रोगियों का प्रभावी ढंग से इलाज किया जा चुका है।

हेयर ट्रांसप्लांट शरीर के एक भाग से दूसरे भाग में बाल ट्रांसप्लांट करने के द्वारा हेयर लॉस वाले क्षेत्रों का उपचार करने में प्रयोग की जाने वाली प्रक्रिया है।

यह मुख्यतः पुरुष पैटर्न गंजेपन में प्रयोग की जाती है, किन्तु महिला पैटर्न गंजेपन, ट्रामा, जलने, सर्जिकल चीरे, आदि के कारण होने वाले हेयर लॉस में भी प्रयोग की जाती है।

पुरुष पैटर्न गंजापन अधिकांश मामलों में, लगभग 90% में देखने को मिलता है। मुख्यतः दो प्रकार के मरीज़ होते हैं, पहले प्रकार में 20 वर्ष से कम उम्र वाले युवा जिनमें गंजेपन का उच्च स्तर विकसित हो चुका है तथा दूसरे में 40 वर्ष से कम उम्र के वे व्यक्ति हैं जो अपनी उम्र के अनुसार औसत बालों से अधिक खो चुके होते हैं।

हेयर ट्रांसप्लांट एक कॉस्मेटिक प्रक्रिया है। यह एक शुद्ध चयनात्मक प्रक्रिया है और रोगी की व्यक्तिगत इच्छाएं इस ऑपरेशन को कराने के लिए प्रमुख प्रेरक कारक हैं। इस प्रक्रिया से होने वाले लाभ अत्यधिक हो सकते हैं। गंजापन उस व्यक्ति के सामाजिक एवं पेशेवर, दोनों प्रकार के जीवन को प्रभावित कर सकता है, तथा वे लोग जो इसके प्रति संवेदनशील हैं, इसके बारे में बहुत संकोची हो जाते हैं तथा अन्य व्यक्तियों के साथ आत्मविश्वास पूर्ण ढंग से बात करने में असमर्थ हो जाते हैं। हेयर ट्रांसप्लांट इन स्थितियों में जीवन परिवर्तक साबित हो सकता है।

पुरुष पैटर्न गंजापन या एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया को आनुवंशिक तरीके से नियंत्रित किया जाता है। बालों के कोष एक निश्चित उम्र पर बालों का उत्पादन बंद कर देने के लिए आनुवंशिक रूप से प्रोग्राम किये जाते हैं, जो आनुवंशिक कारकों द्वारा निर्धारित होता है। इन जींस को टेस्टोस्टेरोन के प्रभाव द्वारा सक्रिय किया जाता है। हेयर लॉस को नॉरवुड स्केल के अनुसार ग्रेड किया जाता है तथा 1 से 7 के बीच में ग्रेड दिया जाता है। सामान्यतः ग्रेड 6 एवं 7, सर्वाधिक कंप्लीट व्यापक लॉस, हेयर ट्रांसप्लांटेशन के लिए उपयुक्त नहीं होता है। गंजेपन की प्रक्रिया के दौरान, बाल सीधे गिरते नहीं हैं, बल्कि इसके बजाय बाल धीरे धीरे पतले एवं छोटे होना शुरू होते हैं और अपनी पूरी लंबाई प्राप्त नहीं कर पाते।

इस तरीके में बालों का घनत्व सिर की त्वचा को ढँकने के हिसाब से कम हो जाता है। बाल, जो झड़ जाते हैं और तकिए पर और नहाने के दौरान देखे जाते हैं, गंजेपन के कारण नहीं होते हैं।

इतिहास

हेयर ट्रांसप्लांट के दस्तावेजीकृत मामले 19वीं सदी के आरंभ में दर्ज किए गए, जब कुछ सर्जनों ने सिर की त्वचा की कुछ परतें और मुक्त ग्राफ्ट गंजेपन वाले क्षेत्रों में ट्रांसप्लांट किए। सन 1930 के आसपास जापान में भी हेयर ट्रांसप्लांट किया गया था, जहाँ क्षतिग्रस्त भौंहों को बदलने के लिए बालों को ट्रांसप्लांट किया गया था। हेयर ट्रांसप्लांट का नवीनतम युग 1950 के दशक में शुरू हुआ जब डॉ. एन. ओरेंट्रीच ने मुक्त डोनर ग्राफ्टों को गंजेपन वाले क्षेत्रों में ट्रांसप्लांट किया। उन्होंने बताया कि बालों की दीर्घायुता ‘डोनर के प्रभाव के अनुसार’ होती है, यानी बालों का जीवनकाल उस स्थान द्वारा निर्धारित होता है जिसमें यह मूल रूप से उगे थे, और ये उस स्थान से निर्धारित नहीं होते जहाँ इन्हें ट्रांसप्लांट किया गया था। डॉ. पी. वाल्टर ने ‘सुरक्षित डोनर जोन’ को परिभाषित किया जिसमें अधिकतम जीवनकाल दीर्घायुता वाले बाल शामिल होते हैं।

सर्जनों ने छोटे और अधिक छोटे ग्राफ्ट ट्रांसप्लांट करने की तकनीकें विकसित करना जारी रखा। शुरुआत में, पंच ग्राफ्ट लिए जाते हैं किन्तु इसने नए बालों को अप्राकृतिक अपीयरेंस प्रदान किए। 1990 में, लिमर ने पट्टियों से कूपिक इकाइयों को निकालने के लिए माइक्रोस्कोप का प्रयोग करने की तकनीक का विकास किया। तब से कूपिक इकाई ट्रांसप्लांटेशन के लिए स्वर्णिम मानक बन गई। 2002 में, एकल कूपिक इकाइयों के निष्कर्षण के साथ एफ़यूई का विकास हुआ। आरंभ में, मैनुअल पंच प्रयोग किए जाते थे, किन्तु 2004 से एफ़यूई में मोटरयुक्त ड्रिल प्रयोग की जाने लगी और यह वर्तमान में सर्वाधिक उन्नत तकनीक है।

विधियां:

'सुरक्षित डोनर ज़ोन' की अवधारणा हेयर ट्रांसप्लांट का आधार है। यह ध्यान दिया जाएगा कि अधिकाँश गंजे तथा बड़ी उम्र के व्यक्तियों में भी, पश्चकपाल एवं कनपटी के क्षेत्रों में बाल अभी तक बचे हुए हैं। ये वे क्षेत्र हैं जिनमें बाल पूरे जीवन काल के दौरान बने रहने के लिए आनुवंशिक रूप से प्रोग्राम होते हैं। यह हेयर ट्रांसप्लांट के लिए संग्रहण क्षेत्र का निर्माण करता है। बाल इस क्षेत्र से लिए जाते हैं और फिर गंजेपन वाले क्षेत्रों में ट्रांसप्लांट किए जाते हैं। ट्रांसप्लांट किए गए बाल पूरे जीवन के दौरान बने रहते हैं तथा यही कारण है जो हेयर ट्रांसप्लांट को इतना मूल्यवान बनाता है।

हेयर ट्रांसप्लांट को दो मुख्य विधियों एफयूटी तथा एफ़यूई से किया जाता है। इनमें केवल बाल निकालने के तरीके की भिन्नता होती है, प्लान्टेशन एक ही तरीके से किया जाता है।

एफयूटी या कूपिक इकाई (फ़ॉलिक्युलर यूनिट) ट्रांसप्लांटेशन या पट्टी (स्ट्रिप) विधि में, 1 सेमी चौड़ी त्वचा की एक पट्टी पश्चकपाल एवं कनपटी के क्षेत्रों से काटी जाती है। टेक्नीशियन उसके बाद इस पट्टी को व्यक्तिगत बाल कूपिकों में विभाजित करते हैं। इन कूपिकों को द्वितीय स्तर में गंजे क्षेत्रों में ट्रांसप्लांट किया जाता है।

एफ़यूई नामक नवीनतम विधि में, 1 से 4 बालों वाले प्रत्येक बाल कूपिक को हटाने के लिए 1 मिमी या उससे छोटे आकार की एक ड्रिल का प्रयोग किया जाता है। छोटे गोलाकार छिद्र छूट जाते हैं और कोई भी दृश्य धब्बा नहीं छोड़ते। 4 बाल कूपिकों में से 1 को ड्रिल करके बाहर निकाला जाता है और परिणामस्वरूप डोनर स्थल पर हलका कम बालों का घनत्व दिखाई नहीं देता। प्लान्टेशन विधि भी इसी के समान होती है।

प्लान्टेशन की साधारण विधि एक छोटा चीरा बनाना तथा बाल कूपिक को इसमें रोपना है। यह चीरा एक छोटी छुरी या सुई का प्रयोग करके बनाया जाता है। हाल ही में, चोई इम्प्लांटर जैसे अनुकूलित ट्रांसप्लांटरों का विकास हो चुका है जो प्रक्रिया को अपेक्षाकृत तेज और आसान बनाते हैं। प्लान्टेशन प्रायः सहायकों द्वारा किया जाता है।

दोनों ही विधियां एलए के अंतर्गत की जाती हैं। एफ़यूई का एक बड़ा लाभ यह है कि यह प्रक्रिया के बाद सबसे कम दर्दनाक होती है तथा यह कोई धब्बा नहीं छोड़ती। इसका नुकसान यह है कि यह अपेक्षाकृत अधिक समय लेती है और अधिक सत्रों की आवश्यकता होती है। एफयूटी में, मरीज़ के सिर के पिछले हिस्से पर एक सिलाई होती है, जो धब्बे के अतिरिक्त चीरे के ठीक हो जाने के बाद भी महीनों तक असुविधा का कारण बनता है। एफ़यूई में, औसतन लगभग 1000 बाल प्रतिदिन किए जाते हैं जबकि एफयूटी में 2000 बाल तक प्रतिदिन किए जा सकते हैं। प्रायः एक दिन का एक सत्र लगभग 6 घंटे तक चलता है। लंच के लिए ब्रेक, टॉयलेट ब्रेक, आदि बिना किसी समस्या के किसी भी समय लिए जा सकते हैं। मरीज़ सत्र के बाद घर जा सकता है और आवश्यकता होने पर दूसरे सत्र के लिए अगले दिन पुनः आ सकता है। साधारणतया एफ़यूई, एफयूटी की तुलना में अधिक महंगा होता है क्योंकि सर्जन को अधिक समय देना पड़ता है।

प्लान्टेशन के लिए, सर्जन को हेयरलाइन की अपीयरेंस निर्धारित करनी पड़ती है तथा फिर इसे खींचना पड़ता है। ट्रांसप्लांट करने के लिए नियोजित बालों की मात्रा, रोगी की उम्र, मूल बालों की अग्रिम हानि की संभावना, प्राकृतिक अपीयरेंस, नियोजित बालों का घनत्व, आदि वे सभी कारक हैं जिन पर विचार किए जाने की आवश्यकता होती है। हेयरलाइन की ड्राइंग विज्ञान से ज्यादा एक कला है।

प्रक्रिया से पहले और बाद में

प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद, मरीज़ के सिर के पिछले हिस्से पर एक पट्टी बांधी जाती है, किन्तु ट्रांसप्लांट किए गए क्षेत्र को खुला रखा जाता है। ट्रांसप्लांट किए गए बालों को रगड़ने से बचाने जैसी न्यूनतम सावधानियों की सलाह दी जाती है। रोगी ट्रांसप्लांट किए गए क्षेत्र को ढँकने के लिए अगले दिन से एक टोपी पहन सकता है। पपड़ी को धुलने के लिए 4-7 दिनों के बाद या उससे पहले बालों में शैंपू करने की सलाह दी जाती है। अधिकाँश ट्रांसप्लांट किए गए बाल लगभग 20 दिनों में गिर जाएंगे, चूँकि बाल टेलोजेन फेज में चले जाते हैं, जैसे ही जड़ें ट्रांसप्लांटेशन के बाद सुषुप्त अवस्था में चली जाती हैं। यह ट्रांसप्लांट किए गए बालों का सामान्य चक्र है। इस बारे में चिंता न करें, लगभग 3 माह में जड़ों से वापस नए बाल उगना शुरू हो जाएंगे तथा 12 महीनों में पूरा घनत्व प्राप्त हो जाएगा। उत्तरजीविता की सफलता दर बहुत अधिक है तथा लगभग 98% बालों से जीवित रहने की उम्मीद की जाती है। यह दर आरोग्यम हेयर ट्रांसप्लांट क्लीनिक में नियमित रूप से प्राप्त की जा रही है। प्रक्रिया से पहले, रोगी का मनोवैज्ञानिक आकलन किया जाना चाहिए। उसकी आवश्यकताओं को समझा जाना चाहिए तथा प्रक्रिया की संभावनाओं एवं सीमाओं के बारे में बताया जाना चाहिए। रोगी को यह बताया जाना चाहिए कि उसे अपने मूल हेयर पैटर्न के वापस आने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए बल्कि एक प्राकृतिक हेयरलाइन प्राप्त करने के द्वारा उसे छिपाने और बालों का घनत्व बढ़ाने की उम्मीद करनी चाहिए। ट्रांसप्लांट किए गए बालों की मात्रा का निर्धारण हेयर लॉस की मात्रा, लागत, मरीज की उम्मीदों आदि जैसे कारकों के आधार पर किया जाता है। मरीज़ शुरुआत में एक छोटा ट्रांसप्लांट करा सकता है और फिर मूल बालों के गिरने के 3 या उससे अधिक वर्षों के बाद फिर आगे के इम्प्लांट के लिए वापस आ सकता है।

एफ़यूई का प्रयोग करके, सर्जन अब छाती, पीठ, भुजाओं एवं टांगों से प्राप्त शरीर के बालों का प्रयोग करने में भी सक्षम हो गए हैं। शरीर के बाल स्थायी होते हैं लेकिन लंबाई में छोटे बने रहते हैं। ऐसे बालों का प्रयोग करके, 10000 बालों तक का ट्रांसप्लांट किया जा चुका है। किन्तु यह केवल वैसे चिंतित मरीज़ के लिए है जो बहुत अधिक घनत्व चाहता है; औसत रोगियों के लिए 1000 से 2000 बालों का ट्रांसप्लांट प्रायः संतोषजनक होता है। यह वर्ष के दौरान कई सत्रों में भी किया जा सकता है।

निष्कर्ष

सभी कॉस्मेटिक उत्पादों के साथ साथ वर्तमान समय में हेयर ट्रांसप्लांट की प्रसिद्धि में भी वृद्धि हो रही है। चूँकि लोगों के पास अधिक लक्जरी और अतिरिक्त समय है, इसलिए कोई भी सफलता और ख़ुशी पाने की दौड़ में पीछे नहीं रहना चाहता। 2010 में अमेरिका में लगभग 100,000 हेयर ट्रांसप्लांट तथा दुनिया भर में लगभग 280,000 ट्रांसप्लांट किये गए थे। यह पिछले तीन वर्षों में एशिया में बहुत तेजी से प्रगति कर रहा है, और भारत में भी इसमें तीव्र विकास देखने को मिल रहा है। न केवल पुरुषों का गंजापन बल्कि महिलाओं के हेयर लॉस और भौहों तथा पलकों के ट्रांसप्लांटेशन की प्रक्रिया भी तेजी से लोकप्रिय होती जा रही है। सभी कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं की तरह ही यह एक व्यक्तिगत पसंद है। उनके लिए जो गंजेपन को एक बंधन समझते हैं, हेयर ट्रांसप्लांटेशन न्यूनतम दुष्प्रभावों या नुकसानों के साथ एक सुरक्षित एवं प्रभावी प्रक्रिया के रूप में उभरा है।

डाउनटाउन आरोग्यम हेयर ट्रांसप्लांट क्लीनिक इस प्रक्रिया के लाभों को उत्तर-पूर्व के लोगों के लिए उपलब्ध कराने के लिए अब डाउनटाउन हॉस्पिटल में शुरू हो चुका है। सेंटर में मोटरयुक्त ड्रिल द्वारा नवीनतम एफ़यूईई तकनीक का प्रयोग किया जाता है। इसका लक्ष्य किफ़ायती लागत पर नवीनतम तकनीक प्रदान करना तथा इस प्रकार इस क्षेत्र के लोगों को लाभ प्रदान करना है।

गुणवत्ता आश्वासन:

Arogyam हेयर प्रत्यारोपण क्लिनिक यह सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाता है कि प्रत्येक रोगी के लिए गुणवत्ता बनाए रखा जाता है। गुणवत्ता रखरखाव की कुंजी मात्रात्मक गुणवत्ता मानकों को लागू करना और उचित दस्तावेज़ीकरण और प्रक्रियाओं की समीक्षा को बनाए रखना है। डाउनटाउन अस्पताल एक आईएसओ 9 001: 2008 और एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पताल है जो गुणवत्ता नियंत्रण के सख्ती से पालन की मांग करता है। कदम उठाए गए हैं:

100% सुरक्षा आश्वासन:डाउनटाउन अस्पताल के मुख्य ओटी में सभी प्रक्रियाएं एनेस्थेसियोलॉजिस्ट और गंभीर देखभाल विशेषज्ञों के पूर्ण पूरक के साथ की जाती हैं। इसलिए रोगियों को प्रत्यारोपण सर्जरी सहित प्रमुख सर्जरी के समान स्तर पर पूर्ण सुरक्षा मानकों का आश्वासन दिया जाता है। 

100% नसबंदी आश्वासन: चूंकि प्रमुख ओटी पूर्ण प्रक्रिया में प्रक्रियाएं की जाती हैं। धूमकेतु हर हफ्ते किया जाता है और प्रदूषण की जांच के लिए swab परीक्षण किए जाते हैं।

सर्वश्रेष्ठ उपकरण: अर्गोगम हेयर ट्रांसप्लेंट क्लिनिक सटीक और सटीकता के लिए 6 एक्स हेन लोपे जैसे सर्वोत्तम उपलब्ध उपकरणों का उपयोग करता है, ब्लंट टाइटेनियम पेंच जो ग्राफ्ट्स के नुकसान और ट्रांसेक्शन से बचाता है, रोई इम्प्लांटर्स रोपण की प्रक्रिया को मानकीकृत करने और रोपण के दौरान क्षति को रोकने के लिए, मेजर ओटी स्तर नसबंदी, धूमकेतु और सभी उपकरणों के autoclaving, आदि

दक्षता गिनती: ट्रांसेक्शन दरों और प्रत्यारोपण की गति जैसे FUE के लिए क्षमता गणना प्रत्येक मामले के लिए नोट की जाती है और प्रत्येक 10 मामलों की समीक्षा की जाती है। Arogyam बाल प्रत्यारोपण लगातार transection और गति के अंतरराष्ट्रीय मानकों को प्राप्त करता है।

ट्रे की गणना: अर्गोगम हेयर ट्रांसप्लेंट क्लिनिक प्रक और विशेषज्ञता के लिए 6 एक्स हेन लोपे जैसे सबसे अच्छा उपलब्ध उपकरण का उपयोग करता है, ब्लंट टाइटेनियम पेंच जो ग्राफ्ट्स के नुकसान और ट्रांसेक्शन से बचता है, रोई इम्प्लांटर्स रोशन की प्रक्रिया को मानकीकृत करने और रोपण के कारण क्षति के लिए, मेजर ओटी स्तर असबंदी, धूमकेतु और सभी उपकरणों के autoclaving, आदि

डॉ पी जे मजूमदार अमेरिकन बोर्ड ऑफ हेयर रिस्टोरेशन सर्जरी का पहला और एकमात्र अमेरिकी बोर्ड प्रमाणित डिप्लोमा है और अमेरिकी प्रक्रियाओं के बालों की बहाली सर्जरी के अमेरिकी नैतिक और तकनीकी दिशानिर्देशों और हेयर बहाली सर्जरी के लिए अंतर्राष्ट्रीय सोसाइटी के बाद सभी प्रक्रियाएं की जाती हैं। ऐसे में, रोगियों को एबीएचआरएस और आईएसएचआरएस द्वारा अनुमोदित अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार पूर्ण व्यावसायिक देखभाल प्राप्त करने का आश्वासन दिया जा सकता है।

सही रसीला घनत्व: सही रसीला घनत्व सुनिश्चित करने के लिए, उचित घनत्व प्राप्त करने के लिए 'घनत्व टिकटें' का उपयोग किया जाता है। बाल और कोण की दिशा सावधानी से बनाए रखा जाता है।

शरीर के समय से बाहर: शरीर के समय से बाहर, जिस समय के लिए भ्रष्टाचार शरीर के बाहर है, बालों के प्रत्यारोपण में सफलता के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक है। Aroyam हेयर प्रत्यारोपण यह सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष प्रक्रिया का पालन करता है कि यह समय न्यूनतम है। यह एक समय में केवल 500-600 ग्राफ्ट करके और फिर उन्हें प्रतिस्थापित करके किया जाता है। यह सुनिश्चित करता है कि शरीर से बाहर समय केवल 1 घंटे से कम या बराबर है। यह सबसे छोटी अवधि अस्थिर है। कई केंद्र एक समय में 2000-2500 ग्राफ्ट तक करते हैं ताकि शरीर से बाहर समय 4-5 घंटे तक चला जा सके। हमें शरीर के क्वांटम से हमारे समय पर गर्व है। हालांकि यह समय के कुछ बलिदान का कारण बन सकता है लेकिन परिणाम अधिक महत्वपूर्ण हैं।

ऊपर का पालन करें: रोगी के लिए अनुवर्ती अवधि महत्वपूर्ण है जब उसके दिमाग में कई संदेह और चिंताएं होती हैं। हमारे क्लिनिक में, डॉ पी जे मजूमदार इस अवधि के दौरान रोगी के किसी भी प्रश्न के लिए सीधे अपने व्यक्तिगत सेल पर रोगी के लिए हमेशा पहुंच योग्य रहेगा।

डॉ. पी.जे. मजूमदार के शैक्षणिक प्रमाण पत्र यहाँ देखे जा सकते हैं: शैक्षणिक प्रमाण पत्र।. उनका रेज्यूमे यहाँ देखा जा सकता है: रेज्यूमे।. संपर्क पता एवं अन्य विवरण के बारे में जानने के लिए,संपर्क पर जाएँ। इस ब्लॉग में मुख्य रूप से हेयर ट्रांसप्लांट पर विभिन्न ब्लॉग पोस्ट शामिल हैं। फोरम में प्रश्न पूछे जा सकते हैं। डाउनटाउन हेयर ट्रांसप्लांट क्लीनिक में किए गए हेयर ट्रांसप्लांट के फोटो देखने के लिए, गैलरी में जाएँ। ब्लॉग, फोरम एवं गैलरी पृष्ठ अभी भी निर्माणाधीन हैं, अतः कृपया एक माह के बाद पुनः देखें।

- पलाश मजूमदार